NTS STUDY

NTS STUDY

Nodal Theory of Structure : Every Node Matters, Every Structure Tells A Story.

IS 1491:1959 – Specification for Prismatic Compass

IS 1491:1959 – प्रिज्मैटिक कंपास विनिर्देश (Specification)

यह कोड 1959 में जारी किया गया था ताकि सर्वे लैब और फील्ड में इस्तेमाल होने वाले प्रिज्मैटिक कंपास की बनावट में एकरूपता बनी रहे।

IS 1491:1959 – प्रिज्मैटिक कंपास विनिर्देश (Specification)


मुख्य श्रेणियाँ (Scope & Types)

IS कोड कंपास को दो मुख्य प्रकारों में बांटता है:

  • Type A (Liquid Type): इसमें सुई को स्थिर करने के लिए अल्कोहल या शुद्ध केरोसिन जैसे तरल पदार्थ का उपयोग होता है।

  • Type B (Dry Type): यह सामान्य हवा वाला कंपास है जिसमें सुई को रोकने के लिए 'Brake Pin' का उपयोग करना पड़ता है।

  • Standard Sizes: कोड 85 mm, 100 mm और 110 mm के नॉमिनल साइज को मान्यता देता है।


सामग्री और बनावट (Construction & Design)

  • Body: चुम्बकीय सुई को प्रभावित होने से बचाने के लिए बॉडी हमेशा अ-चुम्बकीय (Non-Magnetic) धातु जैसे पीतल (Brass) या एल्युमिनियम की होनी चाहिए।

  • Pivot & Agate Cap: पिवट कठोर स्टील या इरिडियम का होना चाहिए। इसके ऊपर एक कीमती पत्थर 'एगेट' (Agate) लगा होता है, जो सुई को बिना किसी घर्षण (Friction) के घूमने में मदद करता है।

  • Prism: इसमें उच्च गुणवत्ता वाला ऑप्टिकल ग्लास लगा होता है, जिसके साथ 'Sun-shade' (काले चश्मे) होते हैं ताकि धूप में भी रीडिंग साफ़ दिखे।


ग्रेजुएशन और रीडिंग (Graduation System)

IS 1491 के अनुसार प्रिज्मैटिक कंपास की रीडिंग में ये विशेषताएं अनिवार्य हैं:

  • South at $0^\circ$: इसमें शून्य हमेशा दक्षिण (South) पर होता है।

  • Inverted Figures: रिंग पर अंक उल्टे लिखे होते हैं ताकि प्रिज्म से देखने पर वे सीधे और साफ नजर आएं।

  • Clockwise Direction: अंक दक्षिण ($0^\circ$) से पश्चिम ($90^\circ$), उत्तर ($180^\circ$) और पूर्व ($270^\circ$) की ओर बढ़ते हैं।



सटीकता और अल्पतमांक (Accuracy & Least Count)

  • Least Count: इस कोड के अनुसार, एक मानक कंपास की सटीकता 30 मिनट ($30'$) होनी चाहिए।

  • Error Limit: अगर सुई मैग्नेटिक नॉर्थ से $30'$ से ज्यादा का अंतर दिखाती है, तो वह इंस्ट्रूमेंट IS मानक के अनुसार फेल माना जाता है।

1. अल्पतमांक (Least Count)

IS 1491 के अनुसार, एक मानक प्रिज्मैटिक कंपास का अल्पतमांक 30 मिनट ($30'$) होना चाहिए।

  • इसका मतलब यह है कि कंपास की ग्रेजुएशन रिंग पर सबसे छोटा खाना $30'$ का होता है।

  • यदि कोई इंजीनियर इससे छोटी रीडिंग (जैसे $15'$ या $10'$) लेना चाहता है, तो उसे केवल अनुमान (Estimation) से पढ़ा जा सकता है, वह यंत्र की अपनी शुद्ध क्षमता नहीं होगी।

2. सटीकता और त्रुटि सीमा (Accuracy & Error Limits)

IS कोड के अनुसार सटीकता को दो मुख्य बिंदुओं से मापा जाता है:

  • संवेदनशीलता (Sensitivity): चुंबकीय सुई इतनी संवेदनशील होनी चाहिए कि वह पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के साथ पूरी तरह संरेखित (Align) हो सके। अगर सुई को उसकी जगह से थोड़ा सा विक्षेपित (Deflect) किया जाए, तो वह वापस बिल्कुल उसी जगह पर आकर रुकनी चाहिए।

  • त्रुटि सीमा (Permissible Error): यंत्र में कोणीय त्रुटि (Angular Error) $30'$ से अधिक नहीं होनी चाहिए। अगर सुई मैग्नेटिक नॉर्थ से $30'$ से ज्यादा का विचलन दिखाती है, तो वह इंस्ट्रूमेंट IS मानक के अनुसार सर्वे के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।


3. शुद्धता सुनिश्चित करने वाले IS मानक घटक

IS कोड के अनुसार इन दो घटकों का सही होना ही 'Accuracy' की जान है:

  1. Pivot & Agate Cap: पिवट एकदम नुकीला होना चाहिए ताकि घर्षण (Friction) न्यूनतम हो। घर्षण सुई को उसकी सही स्थिति में आने से रोकता है, जिससे रीडिंग गलत हो जाती है।

  2. Magnetic Needle: सुई की चुंबकीय शक्ति पर्याप्त होनी चाहिए ताकि वह स्थानीय लोहे (Local Attraction) के मामूली प्रभाव में न आए और सही उत्तर दिशा दिखाए।


सुरक्षा फीचर्स (Safety Features)

  • Lifting Pin: जैसे ही ढक्कन बंद होता है, एक पिन सुई को पिवट से ऊपर उठा देती है। यह पिवट की नोक को टूटने या घिसने से बचाता है।

  • Sighting Vane: इसमें Horsehair (घोड़े का बाल) या बहुत बारीक तार का उपयोग किया जाता है, जिससे ऑब्जेक्ट को सटीकता से निशाना (Bisect) बनाया जा सके।


NTS Study - इंटरव्यू टिप:

अक्सर इंटरव्यू में पूछा जाता है कि "IS 1491 के अनुसार Agate Cap का क्या काम है?" आपका उत्तर होना चाहिए: "यह पिवट और सुई के बीच घर्षण को कम करता है, जिससे सुई की संवेदनशीलता (Sensitivity) बनी रहती है।"

Comments

All Pages