NTS STUDY

NTS STUDY

Nodal Theory of Structure : Every Node Matters, Every Structure Tells A Story.

निरूपक भिन्न या रीडक्शन फैक्टर का क्या अर्थ है इसका उपयोग कैसे किया जाता है ?

निरूपक भिन्न (Representative Fraction - RF) और पैमाना (Scale)

Post ID: NTS00004 | Subject: Surveying

प्रिय पाठकों,

सर्वेक्षण में किसी भी क्षेत्र की माप को कागज पर उतारना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। लेकिन क्या हम 1 किलोमीटर लंबी सड़क को 1 किलोमीटर लंबे कागज पर दिखा सकते हैं? बिल्कुल नहीं! यहीं पर काम आता है निरूपक भिन्न (RF)

1. निरूपक भिन्न (RF) क्या है?

जब क्षेत्र (Field) की वास्तविक माप और कागज (Map) पर बनी दूरी के बीच एक निश्चित अनुपात (Ratio) तय किया जाता है, तो उसे निरूपक भिन्न (Representative Fraction) कहा जाता है।

इसे रिडक्शन फैक्टर (Reduction Factor) भी कहते हैं क्योंकि यह जमीन की बड़ी दूरियों को छोटा करके कागज पर दर्शाता है।

Representative Fraction formula by nts study



2. योजना (Plan) और मानचित्र (Map) में अंतर

सर्वेक्षण में इन दो शब्दों का प्रयोग अक्सर किया जाता है, लेकिन इनमें एक सूक्ष्म अंतर है:

  • प्लान (Plan): जब छोटे क्षेत्र (जैसे घर का नक्शा या मोहल्ला) को बड़े पैमाने (Large Scale) पर दिखाया जाता है, तो उसे प्लान कहते हैं। इसमें विकृति (Distortion) बहुत कम होती है।

  • मानचित्र (Map): जब बड़े क्षेत्र (जैसे जिला, राज्य या देश) को छोटे पैमाने (Small Scale) पर दिखाया जाता है, तो उसे मानचित्र कहते हैं।


3. पैमाने का चयन (Selection of Scale)

पैमाने को उसकी वैल्यू के आधार पर तीन भागों में बांटा जा सकता है:

  1. बड़ा पैमाना (Large Scale): यदि RF > 1:1000 (जैसे भवन निर्माण के लिए)।

  2. मध्यवर्ती पैमाना (Intermediate Scale): यदि RF 1:1000 से 1:10,000 के बीच हो।

  3. छोटा पैमाना (Small Scale): यदि RF < 1:10,000 (जैसे एटलस या भौगोलिक मानचित्र)।


4. विभिन्न कार्यों के लिए अनुशंसित पैमाने (Recommended Scales)

सिविल इंजीनियरिंग के विभिन्न कार्यों के लिए SI (System International) द्वारा निर्धारित मानक पैमाने नीचे दी गई तालिका में हैं:

सर्वेक्षण का प्रकारअनुशंसित पैमाना (RF)
भवन स्थल (Building Site)1:1000 या उससे कम
नगर नियोजन (Town Planning)1:5000 से 1:10,000
भूकर मानचित्र (Cadastral Map)1:5000 से 1:50,000
स्थलाकृतिक (Topographical)1:25,000 से 1:2,50,000
मार्ग सर्वेक्षण (Route Survey)1:10,000
अनुदैर्ध्य खंड (L-Section)

क्षैतिज (1:1000$ से 1:20,000)


लंबवत (1:100 से 1:200)

भौगोलिक मानचित्र (Geographical)1:5,00,000 से 1:16,00,000

5. ग्राफिकल स्केल का महत्व

नक्शे पर केवल अंक लिखना (जैसे 1:100) काफी नहीं है, उसे ग्राफ के रूप में भी दिखाना चाहिए।

कारण: समय के साथ कागज सिकुड़ (Shrink) सकता है। अगर कागज सिकुड़ता है, तो उस पर बना ग्राफिकल स्केल भी उसी अनुपात में छोटा होगा, जिससे माप हमेशा सटीक रहती है।


NTS Study Note: याद रखें, मानव आँख 0.25 मिमी से कम की दूरी में अंतर नहीं कर सकती, इसलिए पैमाना हमेशा इतना बड़ा होना चाहिए कि विवरण साफ दिखें।



Surveying

📔 भाग 1: सर्वेक्षण के मौलिक सिद्धांत (Fundamentals)

  1. सर्वेक्षण: एक विहंगम परिचय - भूमि सर्वेक्षण का अर्थ और महत्व।

  2. भूमि सर्वेक्षण के मौलिक सिद्धांत - वर्गीकरण एवं सर्वेक्षण के प्रकार।

  3. प्राथमिक विभाजन (Primary Division) - Plane vs Geodetic Surveying का अर्थ।

  4. निरूपक भिन्न (Representative Fraction - RF) - स्केल और रिडक्शन फैक्टर का उपयोग।


📏 भाग 2: रैखिक माप और चेन सर्वे (Linear Measurement & Chain Survey)

  1. रैखिक माप और श्रृंखला सर्वेक्षण (Chain Survey) - बेसिक प्रक्रिया।

  2. चेन सर्वे में त्रुटियां एवं सुधार - जंजीर मापन की कमियां और उनका निवारण।

  3. दूरी मापने की विधियाँ और उनके दोष - रेखीय सर्वेक्षण की विस्तृत चर्चा।

  4. टेप या चेन में त्रुटियों का समायोजन - Correction for Sag, Temperature, and Pull.


🧭 भाग 3: कोणीय माप और उपकरण (Angular & Instrumental Survey)

  1. कंपास सर्वे (Compass Surveying) - दिकमान सर्वे और उसका उपयोग।

  2. प्लेन टेबल सर्वेक्षण (Plane Table) - प्रयोग होने वाले उपकरण और विधियां।

  3. थियोडोलाइट (Theodolite) - इसका प्रयोग कहाँ, क्यों और कैसे किया जाता है?

  4. टोटल स्टेशन (Total Station) - मुख्य भाग, विशेषताएं और आधुनिक उपयोग।


🏔️ भाग 4: लेवलिंग और ऊँचाई मापन (Levelling)

  1. लेवलिंग (Smtalan) की आवश्यकता - सर्वेक्षण में लेवलिंग क्यों ज़रूरी है?

  2. मुख्य रेखाएं, डेटम और बेंच मार्क - RL (Reduced Level) और Datum की परिभाषा।

  3. लेवलिंग उपकरण के प्रयोग के तरीके - Auto Level और Tilting Level का संचालन।


🛰️ भाग 5: आधुनिक तकनीक (Modern Technologies)

  1. रिमोट सेंसिंग (Remote Sensing) - INSAT और IRS Series की जानकारी।

  2. GIS और LIS प्रणाली - भौगोलिक सूचना प्रणाली और डेटा फंक्शनलिटी।

  3. लेजर स्कैनर (Laser Scanner) - इसका उपयोग और नियंत्रण।

  4. पृथ्वी की सतह: जियोइड (Geoid) - पृथ्वी का आकार और दीर्घवृत (Ellipsoid) की समझ।


📝 भाग 6: प्रैक्टिस और ऑब्जेक्टिव प्रश्न (MCQs)

  • Surveying: Quiz 1 (01-25): GPS, Remote Sensing, Photogrammetry, और Errors (Accuracy/Precision) पर आधारित।

  • Surveying: Quiz 2 (26-50): Ranging, EDM, Tacheometry, और Corrections (Sag, Slope, Temperature) पर आधारित।

  • Surveying: Quiz 3 (51-75): Contouring, Bearings (True/Magnetic), और Leveling (HI Method, BS/FS) पर आधारित।

  • Surveying: Quiz 4  (76-100): Chain errors, Transition curves, Reciprocal leveling, और Bowditch rule पर आधारित।

  • Surveying: Quiz 5 (101-125): Plane table and Compass पर आधारित । 



Quick Revision:

Comments

All Pages