IS 1632:1960 Bubble Levels, Optical and Precision Instruments
IS 1632:1960 Bubble Levels, Optical and Precision Instruments
IS 1632:1960 के अनुसार, जो ऑप्टिकल और सटीक उपकरणों (Optical and Precision Instruments) में उपयोग होने वाले बबल लेवल (Bubble Levels) के लिए मानक है, एक सही 'बबल' में निम्नलिखित अनिवार्य गुण होने चाहिए:
बबल लेवल के प्रकार (Types of Levels)
IS 1632 के अनुसार बबल लेवल मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
Tube Levels (नलिकाकार): इनका उपयोग एक दिशा में समतलता जांचने के लिए होता है (जैसे सर्वेइंग उपकरणों में)।
Circular Levels (गोलाकार): इनका उपयोग प्रारंभिक लेवलिंग (Rough leveling) के लिए किया जाता है ताकि उपकरण को चारों दिशाओं में लगभग समतल किया जा सके।
संवेदनशीलता (Sensitivity)
यह इस मानक की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। संवेदनशीलता का अर्थ है कि सतह के थोड़े से भी झुकाव पर बबल का तेजी से प्रतिक्रिया करना।
माप: इसे आमतौर पर कोणीय मान (Angular value) के रूप में मापा जाता है, यानी जब बबल एक डिवीजन (आमतौर पर 2 mm) खिसकता है, तो सतह में कितने सेकंड या मिनट का झुकाव आया है।
सटीकता: उच्च श्रेणी के सर्वे उपकरणों के लिए संवेदनशीलता बहुत अधिक होनी चाहिए ताकि बारीक से बारीक एरर पकड़ी जा सके।
वायल (Vial) की गुणवत्ता
बबल जिस कांच की नली या बर्तन में होता है, उसे 'वायल' कहते हैं। इसके लिए नियम हैं:
पारदर्शिता: कांच पूरी तरह पारदर्शी और बिना किसी दाग, बुलबुले या खरोंच के होना चाहिए।
आंतरिक सतह (Internal Finish): ट्यूब की अंदरूनी सतह को बहुत बारीकी से 'ग्राइंड' (Grind) किया जाना चाहिए ताकि उसकी वक्रता (Curvature) पूरे टेपर में एक समान रहे।
तरल पदार्थ (Liquid)
वायल के अंदर भरे जाने वाले लिक्विड के लिए शर्तें:
चिपचिपाहट (Viscosity): तरल की विस्कोसिटी कम होनी चाहिए ताकि बबल बिना किसी रुकावट के तुरंत मूव कर सके।
तापमान स्थिरता: तापमान बढ़ने या घटने पर तरल ऐसा न हो कि जम जाए या बहुत अधिक फैल जाए। आमतौर पर एथिल अल्कोहल (Ethyl Alcohol) या पेट्रोलियम ईथर का उपयोग किया जाता है।
रंग: तरल कांच को गंदा न करे और लंबे समय तक साफ रहे।
मार्किंग और ग्रेजुएशन (Graduations)
दूरी: वायल पर बने निशानों के बीच की मानक दूरी 2 mm होनी चाहिए।
स्थायित्व: ये निशान कांच की सतह पर अंदर या बाहर स्थायी रूप से खुदे (Etched) होने चाहिए ताकि सफाई करते समय ये मिटें नहीं।
बबल की लंबाई (Length of Bubble)
मानक तापमान (आमतौर पर 20°C) पर बबल की लंबाई एक निश्चित सीमा में होनी चाहिए।
बहुत छोटा बबल कम सटीक होता है, जबकि बहुत लंबा बबल पढ़ने में मुश्किल पैदा करता है।
बनावट और फिटिंग (Mounting)
तनाव मुक्त फिटिंग: बबल वायल को उसके फ्रेम या माउंट में इस तरह लगाया जाना चाहिए कि उस पर किसी भी प्रकार का यांत्रिक दबाव (Mechanical strain) न पड़े। दबाव पड़ने से कांच की वक्रता बदल सकती है और रीडिंग गलत हो सकती है।
सीलिंग: वायल के सिरे पूरी तरह सील होने चाहिए ताकि तरल बाहर न निकले और हवा अंदर न जाए।
सिविल इंजीनियरिंग में महत्व: एक इंजीनियर के तौर पर जब आप Dumpy Level या Theodolite का इस्तेमाल करते हैं, तो IS 1632 यह सुनिश्चित करता है कि आपके उपकरण का 'लाइन ऑफ कोलिमेशन' (Line of Collimation) बिल्कुल हॉरिजॉन्टल रहे।
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