रेखीय सर्वेक्षण मे होने वाली त्रुटिया के प्रकार तथा उनके सुधार /संभाव्यता वितरण
रेखीय सर्वेक्षण (Linear Survey) में त्रुटियों के प्रकार और सुधार
रेखीय सर्वेक्षण, विशेषकर चेन या टेप सर्वे करते समय, कई कारणों से माप में अंतर आ जाता है। इन अंतरों को 'त्रुटि' (Error) कहा जाता है। सर्वेक्षण की शुद्धता बनाए रखने के लिए इन त्रुटियों को समझना और उन्हें सुधारना अनिवार्य है।
1. संचयी त्रुटि (Cumulative Errors)
इन्हें सकल त्रुटियां भी कहा जाता है। ये त्रुटियां एक ही दिशा में बढ़ती जाती हैं (या तो हमेशा धनात्मक या हमेशा ऋणात्मक)।
कारण: सर्वेयर की लापरवाही, उपकरण का सही न होना (जैसे चेन की लंबाई मानक से कम या ज्यादा होना)।
विशेषता: जैसे-जैसे सर्वे की लंबाई बढ़ती है, यह त्रुटि भी बढ़ती जाती है। इसलिए इसे 'संचयी' (इकट्ठा होने वाली) त्रुटि कहते हैं।
सुधार: उपकरण को मानक फीते से बार-बार चेक करना और सावधानीपूर्वक रीडिंग लेना।
2. समकारी या व्यवस्थित त्रुटियां (Systematic Errors)
ये त्रुटियां किसी निश्चित नियम या पैटर्न का पालन करती हैं।
कारण: तापमान में बदलाव, टेप में खिंचाव (Tension), या टेप का झोल (Sag)।
सुधार: इन्हें गणितीय सूत्रों (Mathematical Formulas) के माध्यम से सुधारा जा सकता है।
3. आकस्मिक या यादृच्छिक त्रुटियां (Accidental or Random Errors)
सभी सुधारों के बाद भी जो छोटी-छोटी त्रुटियां बच जाती हैं, उन्हें आकस्मिक त्रुटियां कहते हैं।
ये कभी धनात्मक होती हैं तो कभी ऋणात्मक, इसलिए अक्सर ये एक-दूसरे को समाप्त कर देती हैं।
इनका विश्लेषण संभाव्यता के सिद्धांत (Theory of Probability) द्वारा किया जाता है।
त्रुटियों का सांख्यिकीय विश्लेषण (Statistical Analysis)
सर्वेक्षण माप सामान्य वितरण (Normal Distribution) या गाऊसी वितरण (Gaussian Distribution) का अनुसरण करते हैं।
सबसे संभावित मान (Most Probable Value - MPV)
चूंकि किसी भी मात्रा का 'वास्तविक मान' (True Value) ज्ञात करना असंभव है, इसलिए हम अंकगणितीय माध्य (Arithmetic Mean) को ही सबसे संभावित मान मानते हैं।
यदि मापी गई मात्रा $x$ है और उसका माध्य $\mu$ है, तो अंतर को अवशिष्ट (Residual) कहा जाता है:
मानक विचलन (Standard Deviation - $\sigma$)
इसे RMS (Root Mean Square) त्रुटि भी कहा जाता है। यह बताता है कि हमारे द्वारा लिए गए ऑब्जर्वेशन माध्य (Mean) से कितने बिखरे हुए हैं।
जनसंख्या मानक विचलन के लिए सूत्र:
(जहाँ $n$ = प्रेक्षणों की संख्या है)
माध्य की मानक त्रुटि (Standard Error of Mean)
यह बताती है कि हमारे द्वारा निकाला गया माध्य कितना सटीक है:
रेखीय सर्वेक्षण में सुधार (Corrections in Linear Measurement)
NTS Study के पाठकों के लिए इन सुधारों को याद रखना बहुत ज़रूरी है:
मानक लंबाई के लिए सुधार (Correction for Absolute Length):
$$C_a = \frac{L \cdot c}{l}$$तापमान सुधार (Temperature Correction):
$$C_t = \alpha(T_m - T_o)L$$झोल सुधार (Sag Correction): (यह हमेशा ऋणात्मक होता है)
$$C_s = \frac{W^2 L}{24 P^2}$$
न्यूमेरिकल उदाहरण (Numerical Example)
प्रश्न: एक 30 मीटर की स्टील टेप से एक लाइन की लंबाई मापी गई जो 900 मीटर आई। सर्वे के दौरान निम्नलिखित स्थितियाँ पाई गईं:
टेप अपनी मानक लंबाई से 0.05 मीटर अधिक लंबी थी।
क्षेत्र का तापमान 35°C था, जबकि टेप को 20°C पर कैलिब्रेट (मानक) किया गया था।
स्टील के लिए थर्मल विस्तार गुणांक ($\alpha$) = $12 \times 10^{-6} / ^\circ C$ है।
शुद्ध लंबाई (True Length) की गणना करें।
हल (Solution):
Step 1: मानक लंबाई सुधार ($C_a$) की गणना
चूँकि टेप मानक लंबाई से अधिक लंबा है, इसलिए सुधार धनात्मक (Positive) होगा।
मापी गई लंबाई ($L$) = 900 m
टेप की वास्तविक लंबाई ($l'$) = $30 + 0.05 = 30.05 \text{ m}$
टेप की मानक लंबाई ($l$) = 30 m
फार्मूला: शुद्ध लंबाई $= \left( \frac{l'}{l} \right) \times L$
$C_a$ के बाद लंबाई = 901.50 मीटर
Step 2: तापमान सुधार ($C_t$) की गणना
चूँकि $T_m (35^\circ C) > T_o (20^\circ C)$, टेप फैल गया होगा, इसलिए यह सुधार भी धनात्मक होगा।
$T_m = 35^\circ C$
$T_o = 20^\circ C$
$L = 900 \text{ m}$
$\alpha = 0.000012$
फार्मूला: $C_t = \alpha(T_m - T_o)L$
$C_t = 0.162 \text{ मीटर}$
Step 3: अंतिम शुद्ध लंबाई (Total Corrected Length)
अब हम दोनों सुधारों को जोड़ देंगे:
बिना सुधार के हमारी रीडिंग 900 मीटर थी, लेकिन वैज्ञानिक रूप से शुद्ध लंबाई 901.662 मीटर है। सिविल इंजीनियरिंग में यह 1.662 मीटर का अंतर एक बड़ी निर्माण त्रुटि पैदा कर सकता था, इसीलिए ये सुधार अनिवार्य हैं।
NTS Study प्रो-टिप: हमेशा याद रखें:
अगर टेप लंबा है $\rightarrow$ सुधार (+) होगा।
अगर टेप छोटा है $\rightarrow$ सुधार (-) होगा।

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