चैन सर्वे (Chain Surveying) में त्रुटियां एवं सुधार
चैन सर्वे (Chain Surveying) में त्रुटियां एवं सुधार
भूमि मापन (Linear Measurement) के दौरान होने वाली गलतियों को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा जाता है।
1. व्यक्तिगत त्रुटियां (Personal Errors/Mistakes)
ये गलतियां सर्वेक्षक (Surveyor) / इंसान की लापरवाही से होती हैं।
उदाहरण: मान लीजिए चेन की लंबाई 20 मीटर है, लेकिन पढ़ते समय आपने उसे 30 मीटर पढ़ लिया। या फिर चेन को पूरी तरह सीधा नहीं फैलाया।
बचने का तरीका: हमेशा 'Zero' पॉइंट की जांच करें और डेटा को रिकॉर्ड करते समय किसी दूसरे साथी से भी पढ़वाएं।
सुधार: हमेशा दो बार क्रॉस-चेक करें और 'Zero' मार्क को ध्यान से देखें।
2. क्षतिपूर्ति त्रुटियां (Compensating Errors)
ये त्रुटियां रैंडम (Random) होती हैं, जो अंत में एक-दूसरे के प्रभाव को कम कर देती हैं।
इन्हे 'Random Errors' भी कहते हैं। ये कभी माप को बढ़ा देती हैं तो कभी घटा देती हैं, जिससे अंत में ये एक-दूसरे को काट (Cancel out) देती हैं।
सिद्धांत: जैसा कि इमेज में है, E ∝√(L) इसका मतलब है कि अगर आप दूरी 100 गुना बढ़ाते हैं, तो गलती सिर्फ 10 गुना बढ़ेगी।
कारण: चेन की कड़ियों का ठीक से न खुलना या कड़ियों के बीच में मिट्टी फँस जाना।
उदाहरण: चेन की कड़ियों (Links) का सही से न मुड़ना या पकड़ने में मामूली अंतर।
नियम: यह E ∝√(L) के सिद्धांत पर कार्य करती है (जहाँ L मापी गई कुल लंबाई है)।
3. संचयी त्रुटियां (Cumulative Errors)
ये सबसे खतरनाक होती हैं क्योंकि ये हर कदम पर बढ़ती जाती हैं। ये त्रुटियां एक ही दिशा में चलती हैं। यानी अगर गलती शुरू हुई, तो वह अंत तक जुड़ती ही जाएगी (Add up होती जाएगी)।
धनात्मक (+ve) त्रुटि: जब मापी गई दूरी, वास्तविक दूरी से ज्यादा आए। (जैसे: चेन का छोटा होना)।
ऋणात्मक (-ve) त्रुटि: जब मापी गई दूरी, वास्तविक दूरी से कम आए। (जैसे: चेन का मानक लंबाई से बड़ा होना)।
इनका वर्गीकरण और सुधार (Corrections):
| त्रुटि का प्रकार | प्रभाव (+ve / -ve) | सुधार (Correction) |
| चेन मानक से लंबी होना | -ve Error (दूरी कम मापी गई) | +ve Correction |
| चेन मानक से छोटी होना | +ve Error (दूरी अधिक मापी गई) | -ve Correction |
| झुकाव (Slope) | हमेशा +ve Error | हमेशा -ve Correction |
| शिथिलता (Sag) | हमेशा +ve Error | हमेशा -ve Correction |
महत्वपूर्ण सूत्र (Formula): सही लंबाई निकालने का सूत्र : L = (l'/l)xL'
(जहाँ L = वास्तविक लंबाई, l' = उपयोग की गई चेन की लंबाई, l = मानक लंबाई, और L' = मापी गई लंबाई)
"Sag Error" और "Slope Error" के डायग्राम दिए गए है जिससे और बेहतर समझ पाएंगे।
दो मुख्य तकनीकी समस्याएं:
A. ढलान त्रुटि (Slope Error)
जब जमीन ऊबड़-खाबड़ या ढलान वाली होती है, तो हम तिरछी दूरी (Hypotenuse) नाप लेते हैं, जो हमेशा क्षैतिज दूरी (Horizontal Distance) से ज्यादा होती है।
सुधार (Correction): इसके लिए h^2 / 2L का फार्मूला इस्तेमाल किया जाता है।
B. शिथिलता त्रुटि (Sag Error)
जब चेन को दो सिरों पर पकड़ कर हवा में लटकाया जाता है, तो वह अपने वजन के कारण बीच में झूल जाती है (झूला जैसा बन जाता है)। इससे मापी गई दूरी हमेशा वास्तविक दूरी से अधिक आती है।
सुधार: इसे दूर करने के लिए चेन को पूरी ताकत (Pull) से खींचना पड़ता है।
1. चेन की गलत लंबाई के लिए सुधार (Correction for Absolute Length)
यदि आपकी 20m या 30m की चेन मानक लंबाई से छोटी या बड़ी है, तो इस सूत्र का उपयोग करें:
l: चेन की मानक लंबाई (Standard length, उदा. 20m)
l': चेन की वास्तविक (गलत) लंबाई (Actual length)
L': फील्ड पर मापी गई दूरी (Measured length)
2. ढलान के लिए सुधार (Correction for Slope)
जब जमीन ढालू हो, तो क्षैतिज दूरी (Horizontal distance) निकालने के लिए यह सुधार हमेशा घटाया (-ve) जाता है:
h: दो बिंदुओं के बीच ऊंचाई का अंतर (Vertical height)
L: ढलान पर मापी गई दूरी (Sloping distance)
3. खिंचाव के लिए सुधार (Correction for Pull)
यदि सर्वे के समय चेन को मानक खिंचाव (Ps) से अधिक या कम बल (P) से खींचा जाए:
P: लगाया गया खिंचाव (Applied Pull)
Ps: मानक खिंचाव (Standard Pull)
A: चेन/टेप का क्रॉस-सेक्शन एरिया
E: मॉडुलस ऑफ इलास्टिसिटी (Modulus of Elasticity)
4. तापमान के लिए सुधार (Correction for Temperature)
यदि फील्ड का तापमान (Tm), मानक तापमान (To) से अलग हो:
∝: तापीय विस्तार गुणांक (Coefficient of Thermal Expansion)
5. शिथिलता के लिए सुधार (Correction for Sag)
जब चेन हवा में लटकी हो, तो यह सुधार हमेशा घटाया (-ve) जाता है:
W: चेन का कुल वजन (Total weight)
P: लगाया गया खिंचाव (Pull)
| त्रुटि (Error) | सुधार का स्वभाव (Nature of Correction) |
| Slope (ढलान) | हमेशा ऋणात्मक (-ve) |
| Sag (झोल) | हमेशा ऋणात्मक (-ve) |
| चैन छोटी होना | ऋणात्मक (-ve) |
| चैन लंबी होना | धनात्मक (+ve) |
NTS Study tips:
सर्वे शुरू करने से पहले 20m या 30m की चेन को Steel Tape से जरूर जांचना चाहिए।
जब हम फील्ड पर सर्वे करते हैं, तो चेन कभी भी 100% सटीक नहीं होती।
"एक सिविल इंजीनियर के लिए केवल दूरी नापना जरूरी नहीं है, बल्कि उस दूरी में छिपी त्रुटियों को पहचान कर उन्हें गणितीय रूप से शुद्ध करना ही असली इंजीनियरिंग है।"
Surveying
📔 भाग 1: सर्वेक्षण के मौलिक सिद्धांत (Fundamentals)
सर्वेक्षण: एक विहंगम परिचय - भूमि सर्वेक्षण का अर्थ और महत्व।भूमि सर्वेक्षण के मौलिक सिद्धांत - वर्गीकरण एवं सर्वेक्षण के प्रकार।प्राथमिक विभाजन (Primary Division) - Plane vs Geodetic Surveying का अर्थ।निरूपक भिन्न (Representative Fraction - RF) - स्केल और रिडक्शन फैक्टर का उपयोग।
📏 भाग 2: रैखिक माप और चेन सर्वे (Linear Measurement & Chain Survey)
रैखिक माप और श्रृंखला सर्वेक्षण (Chain Survey) - बेसिक प्रक्रिया।चेन सर्वे में त्रुटियां एवं सुधार - जंजीर मापन की कमियां और उनका निवारण।दूरी मापने की विधियाँ और उनके दोष - रेखीय सर्वेक्षण की विस्तृत चर्चा।टेप या चेन में त्रुटियों का समायोजन - Correction for Sag, Temperature, and Pull.
🧭 भाग 3: कोणीय माप और उपकरण (Angular & Instrumental Survey)
कंपास सर्वे (Compass Surveying) - दिकमान सर्वे और उसका उपयोग।प्लेन टेबल सर्वेक्षण (Plane Table) - प्रयोग होने वाले उपकरण और विधियां।थियोडोलाइट (Theodolite) - इसका प्रयोग कहाँ, क्यों और कैसे किया जाता है?टोटल स्टेशन (Total Station) - मुख्य भाग, विशेषताएं और आधुनिक उपयोग।
🏔️ भाग 4: लेवलिंग और ऊँचाई मापन (Levelling)
लेवलिंग (Smtalan) की आवश्यकता - सर्वेक्षण में लेवलिंग क्यों ज़रूरी है?मुख्य रेखाएं, डेटम और बेंच मार्क - RL (Reduced Level) और Datum की परिभाषा।लेवलिंग उपकरण के प्रयोग के तरीके - Auto Level और Tilting Level का संचालन।
🛰️ भाग 5: आधुनिक तकनीक (Modern Technologies)
रिमोट सेंसिंग (Remote Sensing) - INSAT और IRS Series की जानकारी।GIS और LIS प्रणाली - भौगोलिक सूचना प्रणाली और डेटा फंक्शनलिटी।लेजर स्कैनर (Laser Scanner) - इसका उपयोग और नियंत्रण।पृथ्वी की सतह: जियोइड (Geoid) - पृथ्वी का आकार और दीर्घवृत (Ellipsoid) की समझ।
📝 भाग 6: प्रैक्टिस और ऑब्जेक्टिव प्रश्न (MCQs)
Surveying: Quiz 1 (01-25): GPS, Remote Sensing, Photogrammetry, और Errors (Accuracy/Precision) पर आधारित।Surveying: Quiz 2 (26-50): Ranging, EDM, Tacheometry, और Corrections (Sag, Slope, Temperature) पर आधारित।
Surveying: Quiz 3 (51-75): Contouring, Bearings (True/Magnetic), और Leveling (HI Method, BS/FS) पर आधारित।Surveying: Quiz 4 (76-100): Chain errors, Transition curves, Reciprocal leveling, और Bowditch rule पर आधारित।Surveying: Quiz 5 (101-125): Plane table and Compass पर आधारित ।
Quick Revision:


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